बुधवार, 18 फ़रवरी 2009

एक औरत की मौत!


'अगर यह मृत्यु है तो मुझे इसके बारे में अब नही सोचना है ',ये शब्द प्रख्यात अंग्रेजी साहित्यकार लिटन की जुबान से निकले आखिरी शब्द थे ,लिटन के ये शब्द मुझे कभी नही भूलते आपने कभी अपनी मौत के बारे में सोचा है ?कैसी होनी चाहिए मौत ?क्या मृत्यु नितांत व्यक्तिगत चीज है ?क्या इसमे रंग भर के इसे उत्सव की चीज नही बनाया जा सकता ?क्या मौत भी मनोरंजन का विषय बन सकती है? अगर आपको मेरा ये सवाल परेशान कर रहा है तो आप जेड़ से मिलें .बिग ब्रदर नामक रियलिटी शो,और उसमे की गई अपनी रंगभेदी टिप्पणियों को लेकर चर्चित गुडी का मैं कभी फैन नही रहा ,हाँ शिल्पा पर उसकी टिप्पणियों से मैं आम हिन्दुस्तानियों की तरह आहत जरुर हुआ .लेकिन उसकी एक बात ने मुझे मजबूर कर दिया की मैं उसे विश्व इतिहास के महानतम लोगों की सूची में शामिल करूँ .सर्वाइकल कैंसर से दिन रात जूझ रही जेड़ की जिजीविषा को मेरा प्रणाम है .अब पूरी दुनिया उसकी मौत का अनूठा रियलिटी शो देखेगी ,जेड़ ने अपनी मृत्यु के लाइव टेलीकास्ट के लिए LIVING TV को मीडिया राईट दे रखा हैं,LIVING TV की चीफ क्लौडिया कहती है 'उसने ऐसा अपने बच्चों के लिए किया है वो इससे मिलने वाले पैसे का अपने बच्चों के लिए सुरक्षित रखना चाहती है ,साथ ही दुनिया को ये दिखाना चाहती है की कैंसर से कैसे लड़ा जाए 'जेड की जिन्दादिली तो देखिये ,कैंसर क्लीनिक से बाहर निकलने के बाद उसने अपने प्रेमी जैक ट्वीड के साथ शादी करने का ऐलान किया और अपने छोटे बच्चों के साथ खरीददारी करने निकल गई जेड़ के producers को इस बात की चिंता है की वो अपने हैल्थ पर ध्यान देने केबजाय अपनी शूटिंग पर ज्यादा ध्यान दे रही है.

जेड एक महिला है .वो उतनी ही औरत है जितनी कोई आम हिन्दुस्तानी औरत वो उतना ही बिलबिला कर रोती है जितना कोई और औरत,वो उतना ही हंसती है जितनी कोई जिंदगी से लबरेज नवयोवना हंसती है ,वो उतने ही प्यार से अपने बच्चों का माथा सहलाती है जितना हमारी माएं ,लेकिन वो मौत से उतना नही डरती जितना एक आम पुरूष डरता है ,भौतिक सुख सुविधाओं की बदौलत १०० फीसदी जीने का दावा करने वाले हम सब मौत की दस्तक सुनते ही अक्सर लाचार हो जाते हैं या फ़िर वैचारिक कोमा में चले जाते हैं .नतीजा ये होता है न तो हम बचे हुए दिनों को जी पाते हैं न होठों पर मुस्कान लिए मर पाते हैं ,मानवीय जीवन का सबसे बड़ा कौतहुल मृत्यु ,और उस मृत्यु को मनोरंजन का हिस्सा बनाती जेड ऐसे में हमें बहुत कुछ सिखा जाती है ,जेड़ की मित्र मेक्स कहती हैं की वो ख़ुद को व्यस्त रख कर मृत्यु की सत्यता से पैदा हुए आघात और दर्द को अनवरत झुटला रही है ,और वो इसमे सफल हुई है .


जेड की मौत सिर्फ़ रियलिटी शो का हिस्सा नही होगी ,वो हाइपररियलिटी मौत होगी जो हमें सिखलाएगी की रियलिटी और फंतासी में क्या अन्तर होता है न उसमे बिग बॉस की तरह बनाया गया घर होगा और नही कैमरे को देखकर एवं पब्लिसिटी पाने के लिए बोले जाने वाले संवाद ,वहां एक सच्ची मौत होगी ,क्या करेंगे आप और हम ?उसकी मौत को चाय के प्याले के साथ आँख आँख गडाये देखेंगे या आँख मूँद लेंगे ?अगर आप इस सवाल का जवाब गुडी से लेंगे तो वो कहेगी ,नही आइये आप देखिये ,मेरे बच्चों के लिए देखिये ,उन लोगों के लिए देखिये जिनकी मौत बेहद कष्टकर होती है और साथ में अपने लिए देखिये .मुझे ये पोस्ट लिखते वक्त जिम कैर्री की अवार्ड प्राप्त फ़िल्म 'THE TRUMAN SHOW' का अन्तिम दृश्य याद आ रहा है ,जिसमे कैरी अपने लाखों दर्शकों के सामने कहता है कि'मान लीजिये मैं आपको दुबारा न देख पाऊं तो इसलिए अभी से आप सबको सुप्रभात,शुभरात्रि ' शायद जेड भी यही कह रही है .


अपने एक हालिया साक्षात्कार में गुडी ने कहा कि 'मैंने अपनी सारी युवावस्था अपनी जिंदगी के बारे में सोचते हुए बिता दी अब अन्तर सिर्फ़ इतना है कि में अपनी मौत के बारे में सोच रही हूँ मैंने अपनी सारी जिंदगी कैमरे के सामने बीता दी और मरना भी कैमरे के सामने तय कर लिया है ,में जानती हूँ कि कुछ लोगों को मेरे निर्णय से नाराजगी होगी लेकिन मुझे इसकी परवाह नही है '!आज इस वक्त जब आप मेरी ये पोस्टिंग पढ़ रहे होंगे living tv पर 'jade's progress' नामक उस रियलिटी शो का सीधा प्रसारण हो रहा होगा जिसमे ये दिखाया जाएगा कि जेड का प्रेमी वापस उसके पास लौट आया है ,और कैमरे के सामने जेड कीमोथेरेपी कराते हुए ख़ुद को और मजबूत बनाने की कोशिश कर रही है .आपको शायद ये जानकर आश्चर्य होगा कि उसके प्रेमी जैक ट्वीड ने उसके सामने उस वक्त विवाह का प्रस्ताव रखा था जब उसे पता चला गुडी का कैंसर लाइलाज है.


बिग बॉस से जाते वक्त गुडी कि आंखों से बहते हुए आंसू हममे से बहुतों को याद होंगे ,उस वक्त भी उसकी आंखों में कैंसर का भय कम अपने हिन्दुस्तानी मित्रों से बिछड़ जाने का दर्द अधिक नजर आया था ,वो शिल्पा के प्रति अपनी टिप्पणियोंका पश्चाताप करने आई थी ,और यहाँ से ढेर सारा प्यार लेकर वापस लौट गई .डाक्टरों ने साफ़ तौर पर कहा है की गुडी कुछ ही महीनो की मेहमान है हो सकता है उसके बच्चों और उसके प्रशंसकों की दुआएं फलीभूत हो,ये भी हो सकता है हम उसे खो दे अगर उसकी मौत होती है तो भी एक बेहद शक्तिशाली ,और आत्मविश्वास से भरी असाधारण महिला के रूप में वो हमें हमेशा याद रहेगी , उसकी मौत जिंदगी का फलसफा बयां करने वाला अब तक का सबसे विश्वस्त दस्तावेज होगा ,सलाम गुडी ......

12 टिप्‍पणियां:

  1. Ye to soch hai sabki alag hi hoti hai martu ke bare mai

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  3. आवेश जी,
    आपके इस लेख से मन द्रवित हो गया. शीर्षक एक औरत की मौत न होकर एक इंसान की मौत होना चाहिए. जेड गुडी की मौत सिर्फ एक औरत की मौत नहीं, एक ऐसे शख्सियत की मौत होगी जो रोकर नहीं बल्कि इस सच को स्वीकार कर अपने शेष बचे वक़्त को जश्न की तरह मना कर लोगों केलिए एक प्रेरणा देकर जायेगी. ऐसा नहीं कि उसे मृत्यु का डर नहीं, सबको होता है, सभी का मरना तय है, फिर भी लोग इससे भागते हैं, पर वो इस सत्य से भाग नहीं रही, सामना कर रही है. हम सभी मौत के खौफ से होश में मरते नहीं. उसके लिए इतना ही कहूँगी कि वो अंतिम वक़्त तक हारे नहीं, सामना करे, जीवन तो हम सभी जीते वो मौत को जीकर देखे.

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  4. aweshjee
    bahut hi apki lekhni prd kar aankey num ho gayi.bahut hi accha likha hai.......
    vastav main aisi himmati or janbaz mahila ko humara slam....
    jo jeevan key sabsey kathin pal ko bhi puri josh or khushi sey jee rahi hai..........
    dhanyevad aapko jisney humey aisi mahila key barey main bataya

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  5. its very difficult to face death, becoz even if we r not scared of death, we r scared of unknown.. what will happen, where will we go..and that is wot makes it vary difficult to accept death. why jade gudi's boy friend is marrying her could be debatable. it can be purely becoz of commercial reasons, but there is no two thought over the courage , she is showing. by god...she is a very courageous person... hats off to her.

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  6. मृत्यु को झुठलाया नहीं जा सकता. इस कठोर सत्य को स्वीकार करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं.. यह एक व्यक्ति की अपनी सोच है कि वह उसे किस प्रकार स्वीकार करता है. भय से, हँस कर या रो कर, जेड कि ये +ve सोच है कि जो निश्चित हो चुका है , समय कम है, उसका उपयोग अपने और अपनों के लिए किस प्रकार करना है. अगर जेड को पता न चलता तो भी क्या ऐसे ही सोचती..?

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  7. aaj mann vaise hi bahut vyaakul tha aur apka likha hua lekh padhke to bas kaisa laga bayaan nahi ker sakti...bas itna kahungi ki aap dil ko chhu jaane wali batein likhne me mahir hain...
    great work again...

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  8. आवेश जी!
    ज़द्की जिजीविषा लोगों को जीवन के प्रति सकारात्मक होने का सन्देश देती है .
    एक माँ अपने बच्चों के लिए जीते जी तो करती ही है ,मरने के बाद भी कुछ करना चाहती है ......ये मातृत्व बोध ही उसकी प्रेरणा और संबल है ,असहनीय पीड़ा से लड़ने के लिए .
    आपकी अद्भुत अभिव्यक्ति माँ के विराट स्वरुप के दर्शन करती है साथ ही उसके प्रेमी का उसके पास लौट आना ,कई अनुभूतियों का संमिश्रण छोड़ जाती है .
    जेड की जिजीविषा को नमन ,ईश्वर उनकी पीड़ा को कम करे ....

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  9. awesh ji

    aapki lekhni bahut mazboot hai
    jis tarhe se aapne ek vasvikta ko samne laya hai, bahut saharniya hai

    maut toh kadwa sach.
    bahut acha laga aapko padhna
    nira

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  10. Awesh tumne bilkul thik kaha hai mout apne aap me ek anubhuti hai ....jise har vyakti apne-apne tarike se mehsus karta hai,magar mujhe afsos hota hai ye dekhkar ki media ne kisi ki mout ko bhi ek chatpatedar or masaledar khabar banakar logo ke samne abhivyakt kiya hai...jo galat hi nahi mbalki manviy swedanaon ka khun hai...

    rahi aapke lekhan hi bat to aap apne aap me ek shashakt lekhak hai jo samaj ki in utpdit bhawanon ki abhivyakti apne kalam ki takat se kar raha hai,bahut bahut badahi aapko
    humari shubhkamnaye sadeev aapke sath hai
    dwara

    ------anu sharma

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